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झूठ और धोखा शायरी – दिल को छू जाने वाले अल्फ़ाज़

कभी किसी ने कहा था, “सच तो दिल जीत लेता है, मगर झूठ और धोखा ज़िंदगी बदल देता है…” — और यही एहसास हम सबके दिल में गहराई से बसता है। 💔 आज की दुनिया में रिश्ते जितने मीठे लगते हैं, उतनी ही बार उनमें छुपा होता है धोखे का दर्द और झूठ का असर। अगर आपने कभी किसी के झूठ या धोखे की वजह से दिल टूटा महसूस किया है, तो ये जगह आपके दिल के करीब है।

झूठ और धोखा शायरी

सच बोलना मुश्किल था, झूठ उसने आसान कर दिया,
रिश्तों का सारा खेल बस एक धोखे में खत्म कर दिया।

झूठ की आदत ने उसे इतना मासूम बना दिया,
कि सच्चे लोग भी अब झूठे लगने लगे।

धोखा उसने दिया और मुस्कुरा कर चला गया,
मैं सच्चाई में उलझा रह गया।

झूठ और धोखा शायरी

झूठ की चादर ओढ़कर वो फरिश्ता बना,
और मैं सच्चाई में इंसान रह गया।

धोखे की कीमत उसने कुछ यूँ चुकाई,
मैं टूटा और वो ताली बजाई।

सच कहा था किसी ने, भरोसा न कर जल्दी,
चेहरे पर मुस्कान, दिल में तलवार चलती।

झूठ और धोखा शायरी

झूठ की रफ़्तार तेज़ थी, सच्चाई पीछे छूट गई,
रिश्ते बस नाम के रह गए, ज़िंदगी रूठ गई।

उसने कहा सच्चा प्यार करता हूँ मैं,
और उसी पल झूठ की नींव रख दी।

धोखा देना शायद अब फैशन हो गया है,
सच्चाई तो बस एक पुराना ज़माना हो गया है।

झूठ और धोखा शायरी

उसने झूठ को इतने प्यार से कहा,
कि मैंने सच्चाई को ही गुनाह समझा।

भरोसे की किताब में अब कोई शब्द नहीं,
झूठ ने हर सच्चे जज़्बे को मिटा दिया कहीं।

धोखे का मौसम अब हर दिल में बसा है,
सच्चा प्यार शायद अब ख्वाबों में ही रचा है।

झूठ और धोखा शायरी

उसने हंसते हुए मेरा यकीन तोड़ा,
और मैं रोते हुए उसका नाम छोड़ न पाया।

झूठ ने आज फिर जीत ली सच्चाई से,
और मैं हार गया अपने यकीन की लड़ाई से।

धोखा इतना प्यारा लगा उसे,
कि सच्चे इश्क़ से डर गया वो।

झूठ और धोखा शायरी

सच बोलने की सज़ा यही मिली,
वो झूठा बनकर हीरो बन गया।

झूठ की बुनियाद पर रिश्ते टिके नहीं,
और सच्चाई की वजह से दिल बचे नहीं।

उसने कहा मैं लौट आऊँगा किसी दिन,
और यही झूठ सबसे गहरा था।

झूठ और धोखा शायरी

धोखे का स्वाद मीठा लगा उसे,
पर मेरी कसमों का कड़वापन भूला नहीं मैं।

झूठ की गूंज हर बात में थी,
सन्नाटा भी अब बेइमान लगता है।

वो झूठ भी सच्चा लगा जब उसने कहा “हमेशा साथ रहूँगा,”
अब उस शब्द का वादा बस राख बन गया।

झूठ और धोखा शायरी

धोखे ने मुझे मजबूत तो बना दिया,
पर यकीन फिर कभी किसी पर न हुआ।

सच्चाई की राहों पर चलते-चलते थक गया,
झूठ वालों को देख अब हँसना भी छूट गया।

उसने धोखा दिया, ये दर्द नहीं,
दर्द ये है कि वो हंसता रहा।

झूठ और धोखा शायरी

झूठ की तस्वीर अब हर चेहरे पर है,
सच्चाई की जगह अब साया भी कमतर है।

धोखा देना भी एक कला बन गई,
और सच्चाई अब बस कहानी रह गई।

उसने झूठ से अपनी दुनिया सजा ली,
और मैंने सच्चाई में अकेलापन पा लिया।

झूठ और धोखा शायरी

झूठ की बुनावट इतनी महीन थी,
कि सच्चाई भी धोखा लगने लगी।

धोखा उसने दिया, मगर शिकवा नहीं,
गलती मेरी थी, भरोसा किया वही।

झूठ के सौदे में दिल बेच दिया,
और सच्चाई ने बस दर्द दे दिया।

तो बस दोस्तों! उम्मीद है कि Shayari Read पर दी गई झूठ और धोखा शायरी ने आपके दिल के कुछ पुराने पन्ने खोल दिए होंगे। कभी‑कभी शब्द ही वो आईना होते हैं जिसमें हम अपना दर्द देख पाते हैं — और यही इस शायरी का मकसद है।

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